परीक्षा के नाम खुलेआम वसूली और नकल का खेल, बर्रा ओपन परीक्षा केंद्र पर गंभीर आरोप

खरसिया विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बर्रा में संचालित ओपन परीक्षा केंद्र से परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। यहां केंद्र प्रबंधन पर छात्रों से मोटी रकम वसूलकर नकल कराने के आरोप लगे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
8 से 12 हजार तक की वसूली का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्राध्यक्ष ज्ञानसागर राठिया, सहायक केंद्राध्यक्ष रामधन राठिया एवं प्रभारी प्राचार्य रामगोपाल राठिया पर आरोप है कि वे छात्रों से 5000, 8,000 से 12,000 रुपये तक की राशि लेकर उन्हें नकल की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। इतना ही नहीं, “मुन्ना भाई” शैली में दूसरे व्यक्तियों से परीक्षा दिलवाने की भी बात सामने आई है।
ज़ब 2 लोग मुन्नाभाई बनकर परीक्षा दें रहें थे तब वह परीक्षा केंद्र में घुसे कैसे और इसकी जानकारी तत्काल शिक्षा अधिकारी को क्यों नहीं दिया गया। और शिक्षा अधिकारी ऐसे केंद्राध्यक्ष और शिक्षकों पर क्यों नहीं कार्यवाही कर रहें…? यह शिक्षा अधिकारी के नजर में यह समान्य बात है कि 2 लोंग फर्जी तरीके से परीक्षा देने बैठ गए थे.?
पैसे के आधार पर नकल की सुविधा
सूत्रों के मुताबिक, जिन छात्रों ने पैसे दिए, उन्हें पर्चियों के माध्यम से नकल करवाई जा रही है, जबकि पैसे न देने वाले छात्रों को इस सुविधा से वंचित रखा जा रहा है। छात्रों का कहना है कि रकम के आधार पर नकल की व्यवस्था तय की जा रही है।
1 अप्रैल को हुआ विवाद, पुलिस ने संभाली स्थिति :- सूत्र
मिल रही जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल 2026 को 6-7 छात्रों को परीक्षा लिखने से रोक दिए जाने के बाद केंद्र पर विवाद की स्थिति बन गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया।

छात्रों ने बताई अंदर की बात
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर छात्रों ने बताया कि परीक्षा के शुरुआती दिनों में कुछ छात्रों को शिक्षकों द्वारा पर्चियां देकर नकल कराई गई। बाद में अन्य छात्रों से भी इसी सुविधा के लिए अतिरिक्त पैसे मांगे गए। परीक्षा के बाद सहायक केंद्राध्यक्ष द्वारा 7,000 रुपये तक की मांग किए जाने की बात भी सामने आई है।वहीं, कक्षा 10वीं की एक छात्रा ने आरोप लगाया कि उससे 12,000 रुपये लिए गए, लेकिन 2 अप्रैल को सामाजिक विज्ञान के पेपर में केवल एक घंटे ही नकल करवाई गई। मेहनती छात्रों में रोष, इस प्रकार की अनियमितताओं से ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले छात्रों का मनोबल गिर रहा है। अभिभावकों और विद्यार्थियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उड़नदस्ता टीम पर भी उठे सवाल
सबसे गंभीर बात यह है कि खुलेआम नकल और वसूली के आरोपों के बावजूद अब तक उड़नदस्ता टीम को एक भी नकल का प्रकरण नहीं मिला है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं न कहीं इस पूरे मामले में उच्च स्तर तक मिलीभगत हो सकती है।
लक्ष्मीनारायण पटेल (विकासखंड शिक्षा अधिकारी खरसिया) :-
बर्रा में चल रहे ओपन परीक्षा में अनियमितता को लेकर मेरे पास शिकायत आया है वीडियो देखा हूं। वैसे उड़नदस्ता टीम दो दिन गए थे पर हमें कुछ नहीं मिला। मेरे द्वारा शनिवार को शाला जाकर जांच किया जाएगा उसके बाद अनियमितता पाए जाने पर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।





