धर्मजयगड़ के ग्राम पंचायत सुपकलो से बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है यहां सामाजिक अंकेक्षण का ग्राम सभा 12 सितंबर को होना था जिसमें ग्रामीणों की संख्या ना के बराबर थी वही ग्राम सभा करने के लिए ग्राम पंचायत में सिर्फ सामाजिक अंकेक्षण प्रदाता मुन्नाराम यादव और रोजगार सहायक इंद्रजीत रठीया मौजूद थे। और शायद यह लोग ग्राम सभा निपटने के फिराक में भी थे पर जैसे ही वहां मीडियाकर्मी पहुंचे इनके इरादों पर पानी फिर गया और आनंद-खनन में रोजगार सहायक को मीडिया के सामने यह कहना पड़ा की सचिव प्रशिक्षण में कापू गए हैं। इस कारण ग्राम सभा नहीं होगा पर जब उसके बाद जानकारी ली गई तब पता चला की ग्राम सभा उसी दिन शाम को कर दिया गया है जिस दिन रोजगार सहायक द्वारा कहा गया था कि ग्राम सभा नहीं होगा। शिकायत के बाद नहीं हो रही कार्रवाई, 1500 का रोजगार सहायक दे रहें चढ़ावा इस संबंध में हमारे द्वारा शिकायत कार्यपालन अधिकारी को दिया गया है इसके बाद भी अब तक सचिव और रोजगार सहायक पर कार्यवाही नहीं हो रही है वहीं रोजगार सहायक द्वारा मामले को रफा दफा करने के लिए ₹1500 फोन पे के माध्यम से भेजा जा रहा है जिसे तत्काल वापस कर दिया गया है। जिससे यह संदेह खड़ा होता है कि आखिर क्यों रोजगार सहायक को ₹1500 भेजने की जरूरत पड़ गई। सचिव साधु मिंज ने बताया जब इस संबंध में ग्राम पंचायत सुपकालों के सचिव साधु मिंज से फोन कर जानकारी मांगी गई तब उन्होंने बताया कि मैं प्रशिक्षण में कापू गया था और शाम को आया तब ग्राम सभा किया गया है वही उनसे जब यह पूछा गया कि ग्राम सभा कितने बजे किया गया है तो उन्होंने करीब 6:00 बजे कहा। ग्राम सभा की तस्वीर देखने से सच्चाई आएगी सामने अगर उस दिन ग्राम सभा की तस्वीरों को देखा जाए तो सारी सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी की कितने लोग ग्राम सभा में मौजूद थे और क्या कोरमा पूर्ति हुआ था जो सचिव द्वारा ग्राम सभा लिया गया। वही मिल रही जानकारी के अनुसार कुछ लोगों में ही ग्राम सभा को निपटा दिया गया जबकि जितने वोटर पंचायत में मौजूद हैं उसमें कम से कम 10% लोग ग्राम सभा में मौजूद होना चाहिए तभी ग्राम सभा लिया जा सकता है फर्जीवाड़ा छुपाने के लिए लिया गया ग्राम सभा गोपनीय तरीके से उसी दिन ग्राम सभा कर देना इस बात पर संदेह खड़ा करता है कि रोजगार सहायक ने क्या-क्या फर्जीवाड़ा किया होगा जो उन्हें इस तरीके से ग्राम सभा करने की जरूरत पड़ गई वहीं इस ग्राम सभा में सचिव ने भी उनका साथ दिया और समाजिक अंकेछण प्रदाता मुन्ना राम यादव भी।