
राशन के नाम पर नहीं ली गई राशि, ग्राम पंचायत ने वसूला मकान टैक्स; वायरल खबर पर खुलासा
धरमजयगढ़। धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत कापू मंडल के ग्राम पंचायत विजयनगर के कंड्रजा गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए गए थे जिसको लेकर अब कुछ और ही जानकारी सामने आ रही। क्षेत्र में सोशल मीडिया पर वायरल हुए राशन वसूली संबंधी समाचार का सच सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वायरल खबर में दावा किया गया था कि राशन दुकान में हितग्राहियों से 300 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है, लेकिन जांच में स्पष्ट हुआ कि यह राशि राशन के लिए नहीं बल्कि ग्राम पंचायत द्वारा लिया गया मकान टैक्स था।
*ग्राम पंचायत स्वयं चला रही राशन दुकान*
प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित गांव की शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन स्वयं ग्राम पंचायत द्वारा किया जा रहा है। पंचायत स्तर पर मकान कर वसूली की प्रक्रिया चल रही थी, जिसके तहत कुछ ग्रामीणों से 300 रुपये का टैक्स लिया गया। इसी दौरान किसी ने इस वसूली को राशन शुल्क बताकर भ्रामक खबर तैयार कर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।
*जांच में सामने आया वास्तविक तथ्य*
स्थानीय स्तर पर हुई पड़ताल में पाया गया कि वसूली गई राशि पंचायत कर (हाउस टैक्स) थी और इसका राशन वितरण से कोई संबंध नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राशन वितरण शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार निःशुल्क या तय दरों पर किया जाता है और अतिरिक्त राशि लेना नियम विरुद्ध है।
*खाद्य विभाग ने आरोपों को बताया निराधार*
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने वायरल खबर को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए कहा कि विभाग के खिलाफ फैलायी गई जानकारी तथ्यहीन है। विभाग का कहना है कि बिना सत्यापन खबर प्रसारित करना गैर-जिम्मेदाराना है और इससे जनता में भ्रम फैलता है।
*सोशल मीडिया पर अफवाह से फैली गलतफहमी*
भ्रामक समाचार वायरल होने के बाद ग्रामीणों में राशन व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखने को मिली। हालांकि सच्चाई सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि अवश्य करें।
*जनता से प्रशासन की अपील*
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि राशन या अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित शिकायत सीधे संबंधित विभाग या पंचायत में दर्ज कराएं और अफवाहों से बचें।




