युवाओं के लिए बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती शुरू, 625 सहायक प्राध्यापक सहित ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारी की होगी नियुक्ति।
रायपुर, 13 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की पहल पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कुल 700 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसमें 625 सहायक प्राध्यापक, 50 ग्रंथपाल और 25 क्रीड़ा अधिकारी के पद शामिल हैं।
विभिन्न विषयों के पदों पर होगी भर्ती
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार सहायक प्राध्यापक के पदों में हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र और प्राणीशास्त्र के 50-50 पद निर्धारित किए गए हैं।इसके अलावा अर्थशास्त्र, इतिहास और भूगोल के 25-25 पद, कंप्यूटर एप्लीकेशन के 15 पद, वाणिज्य के 75 पद तथा विधि के 10 पद भरे जाएंगे। साथ ही 25 क्रीड़ा अधिकारी और 50 ग्रंथपाल के पदों पर भी नियुक्ति की जाएगी।
भर्ती के लिए आयोग को भेजा गया प्रस्ताव
भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सभी पदों का आरक्षण रोस्टर और विषयवार रिक्तियों का निर्धारण कर लिया है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के साथ Chhattisgarh Public Service Commission को 24 फरवरी 2026 को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। आयोग द्वारा प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसके बाद योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था होगी मजबूत
राज्य सरकार का मानना है कि इन पदों पर नियुक्ति से शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी और विद्यार्थियों को बेहतर उच्च शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही National Education Policy 2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को भी प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
फिलहाल अतिथि शिक्षकों से चल रही व्यवस्था
जब तक नियमित भर्ती पूरी नहीं हो जाती, तब तक विभाग द्वारा अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था लागू की गई है। अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएचडी, नेट और सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं से योग्य हैं और वर्तमान में महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को शिक्षण कार्य कर रहे हैं, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
