बिना अनुमति 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक बोर खनन किए तों मिलेगा सजा….

1 अप्रैल से 31 जुलाई तक जलाभाव क्षेत्र घोषित, बिना अनुमति नलकूप खनन पर प्रतिबंध
बड़ा फैसला – पूरा जिला घोषित जलाभाव क्षेत्र
रायगढ़, 25 मार्च 2026। आगामी गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत पूरे रायगढ़ जिले को 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य गर्मी के दौरान आम नागरिकों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना और भूजल के अनियंत्रित दोहन को रोकना है।
आदेश में यह भी उल्लेखित है कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप खनन के लिए अनुमति प्रदान हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को प्राधिकृत किया गया है। इसके तहत अनुविभागीय अधिकारी (रा.) रायगढ़ को रायगढ़ एवं पुसौर क्षेत्र, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) खरसिया को खरसिया क्षेत्र, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) घरघोड़ा को घरघोड़ा एवं तमनार क्षेत्र, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) धरमजयगढ़ को धरमजयगढ़ क्षेत्र तथा अनुविभागीय अधिकारी (रा.) लैलूंगा को लैलूंगा क्षेत्र के लिए अधिकृत किया गया है।
नलकूप खनन पर सख्ती – बिना अनुमति पूरी तरह प्रतिबंध
जारी आदेश के अनुसार, अब जिले में बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के कोई भी नया नलकूप खनन नहीं कर सकेगा, चाहे वह पेयजल के लिए हो या अन्य किसी उपयोग के लिए।हालांकि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) और अन्य शासकीय एजेंसियों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार छूट दी गई है। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को भी केवल पेयजल के उद्देश्य से नलकूप खनन की अनुमति होगी, लेकिन इसके लिए संबंधित अधिकारी को सूचना देना अनिवार्य रहेगा।
उल्लंघन पर कार्रवाई – एसडीएम को दी गई जिम्मेदारी
प्रशासन ने नलकूप खनन की अनुमति देने के लिए अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) को अधिकृत किया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में आवेदन के आधार पर आवश्यकता की जांच करेंगे। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से नलकूप खनन करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे जिले में जल संरक्षण को लेकर प्रशासन की गंभीरता साफ नजर आ रही है।




