घूसखोर नाटक कर रही कहते थाना प्रभारी कमला पुसाम कों महिलाओ ने पीटा क्यों…?
14 दिनों से आंदोलन का दिन रात निगरानी करते हुए बेहतर क़ानूनी व्यवस्था बना रही थी कमला पुसाम।

- थाना प्रभारी कमला पुसाम ठाकुर के साथ मारपीट का फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है वही वीडियो में दिख रहा है कि गुस्साई भीड़ थाना प्रभारी कमला पुसाम ठाकुर को बुरी तरह लात मुक्को से पीट रही है मारपीट करते हुए भीड़ के बीच से यह आवाज भी आती हैं की मारो यह घूसखोर हैं नौटंकी कर रही हैं आखिर ऐसा क्यों..?
बता दें की थाना प्रभारी कमला पुशाम ठाकुर इससे पहले धरमजयगढ़ की थाना प्रभारी रह चुकी हैं धरमजयगढ़ से ट्रांसफर होने के बाद वह तमनार थाना की प्रभारी बनी। बीते 14-15 दिनों से ग्रामीण जिंदल खदान के छलपूर्वक जनसुनवाई कों लेकर धरने पर बैठे हैं। और अचानक भीड़ उग्र हो जाती हैं जिसमें कई पुलिसकार्मियों के साथ भीड़ की हाथपाई होती हैं इसी में कमला पुसाम बुरी तरह घायल हो जाती हैं।
कमला पुसाम धरमजयगढ़ में लम्बे समय तक थाना प्रभारी थी। इनके कार्यकाल में इन्होने आदिवासियों कों प्रथमिकता देते हुए स्वार्थ से ऊपर उठकर कार्य कों प्रथमिकता दिया
इनके कार्यकाल में इन्होने कच्ची शराब के मामलों पर ताबड़तोड़ कार्यवाही की,ज़ब यह थाना धरमजयगढ़ में पदस्थ थी तब इनके साथ कई सिपाहियों ने दिन रात स्वार्थ की परवाह किए बिना ईमानदारी से अपना फ़र्ज निभाया। इन्ही सभी कारणों के बदौलत धरमजयगढ़ में इनका विरोध ना के बराबर था। इनके कार्यकाल में धरमजयगढ़ में डीजल चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थी जबतक यह पदस्थ थी तबतक डीजल चोरो कों रोकने का दिन रात खूब प्रयास करती रही पर यहां चोर शातिर होने के कारण हर बार बच निकले। पर कई बार ट्रांसफर लिस्ट निकलने के बाद उन्हें धरमजयगढ़ छोड़ तमनार जाना पड़ा।
लोगों के समझ से यह बाहर हो गया की इतना क्यों गुस्सा ग्रामीणों में फूटा जो उन्हें कानून कों अपने हाथ में लेने की अवश्यकता पड़ी क्यूंकि थाना प्रभारी का कार्य सभी कों एकसमान न्याय दिलाने का होता हैं। ऐसे मामले पर ख़ास जांच टीम बैठानी चाइए जो निस्वार्थ भाव से सिर्फ यह पता करें की भीड़ कमला पुसाम ठाकुर पर क्यों टूट पड़ी क्या कमला पुसाम ठाकुर से तमनार के ग्रामीण त्रस्त हो चुके थे या फिर मामला कुछ और हैं…?
फिलहाल मामला जो कोई भी हो ग्रामीणों कों शांति व्यवस्था बनाई रखनी थी और कानून कों किसी कीमत पर अपने हाथ में नहीं लेना था। अब खबर सामने आ रही की जनसुनवाई निरस्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा चुकी है।




