पढ़ाई और परीक्षा वो क्या होता हैं चलो डांस करो, धरमजयगढ़ के स्कूल में पढ़ाई छोड़ बर्थडे पार्टी, बच्चों से डांस करवाया – वीडियो से मचा बवाल

धरमजयगढ़ विकासखंड के एक शासकीय विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पखनाकोट स्कूल में पढ़ाई-लिखाई बंद कर शिक्षक का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। इतना ही नहीं, कार्यक्रम में स्कूली बच्चों से डांस भी कराया गया और शिक्षक खुद भी बच्चों के साथ थिरकते नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो और फोटो सामने आने के बाद अब यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
पढ़ाई की जगह मनाया गया जन्मदिन
मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय परिसर में कक्षा संचालन के समय ही शिक्षक का जन्मदिन मनाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों को पढ़ाई के बजाय कार्यक्रम में शामिल कर लिया गया और उनसे नृत्य कराया गया। शिक्षक भी बच्चों के साथ नाचते दिखाई दिए। इससे विद्यालय में नियमित पढ़ाई प्रभावित हुई और स्कूल का माहौल एक तरह से निजी कार्यक्रम में बदल गया।
*शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल*
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाए रखने और अनुशासन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी विभाग की होती है, लेकिन ऐसे मामलों के बावजूद समय पर निगरानी और कार्रवाई नहीं होने से व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभागीय अधिकारी समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण करें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें, तो इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है। वहीं लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई की मांग की है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
बताया जा रहा है कि इस पूरे कार्यक्रम का वीडियो भी बनाया गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि स्कूल शिक्षा का केंद्र होता है, लेकिन अगर उसी जगह इस तरह के कार्यक्रम होंगे तो बच्चों की पढ़ाई पर क्या असर पड़ेगा।

*जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग*
मामला सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि यदि स्कूल में पढ़ाई के समय इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, तो यह सरकारी नियमों और अनुशासन का उल्लंघन है।



