नमक गबन करने वाले वितरक पर कार्रवाई करने से क्यों डर रहा खाद्य विभाग,क्या ऐसे वितरक पर खाद्य विभाग का हैं संरक्षण…?
धरमजयगढ़ के ग्राम पंचायत क्रिँधा में बीते महीने एक ऐसा मामला सामने आया था जिससे राशन वितरको में हड़कंप मच गया। इतने बड़े मामले के बाद महीनें बीत गए पर अब तक ऐसे वितरक पर कोई कार्यवाही नहीं देखने को मिली है। जैसे मानो ऐसे वितरक कों खाद्य विभाग का संरक्षण प्राप्त हो और खाद्य विभाग के कर्मचारी उन्हें कहतें हो कि तुम्हें जो करना है करो हम तुम्हारा साथ देंगे, अगर ऐसा नहीं होता तब इतने बड़े मामले के बाद भी कार्यवाही के लिए इतने दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ता और तत्काल कार्यवाही देखने को मिलती। पर मानों हाल यह है कि ऐसे वितरक पर कार्रवाई करने से खाद्य विभाग के हाथ पैर फूल रहे हैं
ऐसा नहीं कि इस मामले की खाद्य विभाग या राजस्व विभाग को जानकारी नहीं उक्त मामले की जानकारी उचित मूल्य की दुकान पर मौजूद होकर खाद विभाग को दी गई और इसका समाचार भी प्रसारित किया गया था पर विभाग के ऐसे रवैया ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं और ऐसे वितरकों पर कार्रवाई न करके उनका मनोबल बढ़ा रहे हैं। आपको बता दे की धरमजयगढ़ के ग्रामपंचायत क्रिँधा एक ऐसा ग्राम पंचायत हैं जहाँ के कई आश्रित गांव पहाड़ो पर बसें हैं और वहां से सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण करीब 7 किलोमीटर पैदल उतरकर भूखे प्यासे अपने ग्राम पंचायत पहुंचते हैं और यह उम्मीद रखते हैं कि उन्हें उनका अधिकार और हक मिलेगा पर यहां बैठे सरकार के ही दुकानदार जो शासकीय उचित मूल्य का दुकान संचालन करते हैं वह उनके अधिकार पर हाथ सफाई कर देते हैं और उनके हक का हिस्सा खा जाते हैं। अगर कहां जाए तो यह बहुत ही शर्मनाक बात है क्योंकि धर्मजयगढ़ में अब तक चावल घोटाले के तो कई मामले सामने आए हैं पर यह ऐसा घोटाला है कि अपने आप में शर्मनाक बात है क्या कोई ऐसा भी कर सकता है की कुछ रुपए में मिलने वाला नमक भी उसके लिए सोने की तरह बन जाए कि वहां ग्रामीणों से यह छीन ले।
हम बात कर रहे हैं उचित मूल्य में दुकान में मिलने वाले नमक की, वितरक द्वारा हितग्राहियों से अंगूठा तो लगा लिया गया पर उन्हें नमक वितरण नहीं किया गया वहीं जब कैमरे पर इस संबंध में उनसे पूछा गया तो सबसे पहले वह मुकर गए उसके बाद बोलने वालों की हां मैं ऑनलाइन अंगूठा तो लगाया है पर मैंने राशन कार्ड की कॉपी में नहीं लिखा जब आएगा तब मैं दे दूंगा वही जिम्मेदार अधिकारियों ने कहा कि जब नमक नहीं तब अंगूठा क्यों लग रहे हो इतने होने के बाद भी अब तक ऐसे वितरक पर कोई कार्यवाही देखने को नहीं मिली है यही कारण है कि धरमजयगढ़ में राशन वितरण मामले में कई घोटाले सामने आए हैं
पढिए पूरी खबर की उचित मूल्य दुकान के संचालक ने क्या कहा कैमरे के सामने…
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