धान खरीदी व्यवस्था की निगरानी स्वयं कलेक्टर रायगढ़ मयंक चतुर्वेदी कर रहें, लापरवाही पर होंगी कड़ी कार्यवाही….

⚡अब तक 184.1415 हैक्टेयर रकबा समर्पित,92.04 करोड़ रुपए का भुगतान, 1522.19 लाख रुपए की ऋण वसूली⚡
जिले के सभी 105 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी व्यवस्थित रूप से जारी है।धान खरीदी व्यवस्था की निगरानी स्वयं कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी द्वारा की जा रही है । वे लगातार उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि तौल प्रक्रिया पारदर्शी रहे, किसानों को प्रतीक्षा न करनी पड़े, टोकन प्रणाली सुचारू चले, और केंद्रों में बोरे, तौल मशीनें, छाया, पानी आदि की समुचित व्यवस्था उपलब्ध रहे। कलेक्टर द्वारा धान के अवैध परिवहन, भंडारण और बिचौलियों द्वारा अमानक धान बेचने जैसी गतिविधियों पर कड़ाई से निगरानी रखी जा रही है। वे प्रतिदिन खरीदी की समीक्षा कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे रहे हैं कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रायगढ़ जिले में शुक्रवार की अद्यतन स्थिति के अनुसार कुल 184.1415 हैक्टेयर रकबा समर्पण दर्ज किया जा चुका है।रकबा समर्पण की दृष्टि से रायगढ़ जिला प्रदेश के सर्वाधिक समर्पण करने वाले जिलों में शामिल हो चुका है। खाद्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में अब तक 3,457 सीमांत किसान, 1,987 लघु किसान और 1,737 बड़े किसान धान विक्रय कर चुके हैं। कुल मिलाकर 7,181 किसानों से 3,92,113.60 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। भुगतान की स्थिति भी संतोषजनक है। राज्य शासन द्वारा धान बेच चुके किसानों को 9,204.90 लाख रुपए का भुगतान उनके खातों में अंतरित किया चुका है। इसके साथ ही सहकारी समितियों द्वारा 1,522.19 लाख रुपए की ऋण वसूली भी की गई है।




