धरमजयगढ़ के क्रोंधा में हाथियों का झुण्ड देख डर का माहौल….., हाथियों का ‘शक्ति प्रदर्शन’, नन्हे शावकों के साथ बीच सड़क पर गजराज….देखे वीडियो…. 👇

धरमजयगढ़ | वन मंडल धरमजयगढ़ का क्रोंधा जंगल में हाथियों का झुण्ड किसी थर्रा देने वाले मंजर से कम नहीं था। जंगल की खामोशी को चीरते हुए जब 30- 40 हाथियों का विशाल लश्कर एक साथ सड़क पर उतरा, तो देखने वालों की सांसें थम गईं। नन्हे शावकों को अपने घेरे में लिए यह ‘गजराज सेना’ जिस ओर बढ़ रही है, वहाँ दहशत का माहौल था। हाथियों का हुजूम जब मुख्य मार्ग को पार करने लगा, तो मानों वक्त ठहर गया। विभाग ने अनहोनी की आशंका को देखते हुए आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया है। दर्जनों हाथियों की चिंघाड़ और उनके भारी कदमों की धमक से पूरा इलाका दहल उठा है। इस झुंड में बड़ी संख्या में नन्हे शावक मौजूद हैं, जो इस दल को और भी ज्यादा संवेदनशील और खतरनाक बना रहे हैं। यह घटना धरमजयगढ़ मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर के अंतराल पर हुआ है।
*घेरेबंदी में वन विभाग: मौत और जिंदगी के बीच ‘हाथी मित्र‘*
हालात की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की पूरी टीम ने मोर्चे पर डेरा डाल दिया है। हाथी मित्र दल के जांबाज सदस्य अपनी जान हथेली पर रखकर ग्रामीणों को हाथियों के करीब जाने से रोक रहे हैं। विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती हाथियों को सुरक्षित रास्ता देना और ग्रामीणों को इस ‘सजीव खतरे’ से दूर रखना है।
*सावधान! जंगल में भारी हलचल*
वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है कि वे भूलकर भी जंगल की ओर रुख न करें। हाथियों का यह कुनबा फिलहाल बेहद आक्रामक मूड में है। किसी भी तरह की लापरवाही या शोर-शराबा जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन लगातार मुनादी कर लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दे रहा है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस विशाल दल में दर्जनों की संख्या में हाथी शामिल हैं, जिनमें कई नन्हे शावक भी मौजूद हैं। शावकों की मौजूदगी के कारण हाथियों का व्यवहार अधिक सुरक्षात्मक और आक्रामक हो सकता है, जिसे देखते हुए वन विभाग ने विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।





