धरमजयगढ़ और लैलूंगा एकलव्य विद्यालय में प्रवेश शुरू: जानें रिक्त सीटों का विवरण और आवेदन प्रक्रिया

10 अप्रैल 2026 जिले के जनजातीय क्षेत्रों के होनहार विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त करने का एक बड़ा अवसर सामने आया है। रायगढ़ जिले के आदिवासी विकासखंडों में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (EMRS) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए रिक्त सीटों पर ‘लेटरल एंट्री’ के माध्यम से प्रवेश की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। जिले के चार प्रमुख विद्यालयों में कुल 20 सीटों के लिए आगामी 11 मई तक आवेदन मंगाए गए हैं।
*कक्षावार रिक्तियों का विवरण: 11वीं में सबसे अधिक अवसर*
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह प्रवेश प्रक्रिया कक्षा 7वीं से लेकर 11वीं तक की रिक्त सीटों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक:
कक्षा 11वीं: सर्वाधिक 12 सीटें उपलब्ध हैं।
कक्षा 9वीं: 05 सीटें रिक्त हैं।
कक्षा 8वीं: 02 सीटों पर प्रवेश होगा।
कक्षा 7वीं: 01 सीट रिक्त है।
विद्यालयवार सीटों की स्थिति
छोटेमुड़पार (खरसिया): यहाँ बालकों के लिए सबसे अधिक 09 सीटें खाली हैं।
सिसरिंगा (धरमजयगढ़): यहाँ कुल 07 सीटें हैं (03 बालक और 04 बालिका)।
हीरापुर (लैलूंगा): यहाँ प्रवेश के लिए 03 सीटें उपलब्ध हैं।
छर्राटांगर (घरघोड़ा): यहाँ 01 सीट पर प्रवेश का मौका है।
*आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज*
प्रवेश के इच्छुक पात्र छात्र-छात्राएं अपना पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास शाखा, रायगढ़ में या सीधे संबंधित एकलव्य विद्यालय में जाकर जमा कर सकते हैं।
अनिवार्य दस्तावेज की सूची:
पिछली उत्तीर्ण कक्षा की अंकसूची (मार्कशीट)
आधार कार्ड की छायाप्रति
सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र
निवास प्रमाण पत्र
नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो
*समय-सीमा का रखें विशेष ध्यान*
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन पत्र स्वीकार करने की अंतिम तिथि 11 मई 2026, शाम 5:00 बजे तक निर्धारित है। निर्धारित समय के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों की राय: शिक्षाविदों का मानना है कि एकलव्य विद्यालय न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि यहाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, खेलकूद और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। ऐसे में रिक्त सीटों पर प्रवेश ग्रामीण और जनजातीय मेधावी छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।




