थाने में आवेदन पर नहीं दी जा रही पावती! छाल थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप, पुलिस अधीक्षक तक पहुंची शिकायत

1. प्रेस क्लब के कार्यक्रम से जुड़ा मामला
छाल क्षेत्र में प्रेस क्लब द्वारा 07 फरवरी 2026 को विधानसभा स्तरीय उत्कृष्ट कार्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के प्रचार के लिए नगर के विभिन्न स्थानों पर होर्डिंग लगाए गए थे, ताकि आम नागरिकों को कार्यक्रम की जानकारी मिल सके।
2. असामाजिक तत्वों का दुस्साहस — होर्डिंग फाड़कर फ्रेम चोरी
प्रेस क्लब के पदाधिकारियों के अनुसार पहले अज्ञात असामाजिक तत्वों ने प्रचार होर्डिंग को फाड़ दिया, इसके बाद ट्रैक्टर वाहन (जॉन डियर) में आकर छाल मंगल भवन एवं अस्पतालपारा क्षेत्र में लगे लोहे के फ्रेम तक चोरी कर ले गए। घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
3. CCTV फुटेज के साथ थाना में दी गई शिकायत
घटना के तुरंत बाद प्रेस क्लब छाल द्वारा थाना छाल में लिखित शिकायत दी गई तथा दोनों घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपे गए, ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जा सके।
4. सप्ताहभर बाद भी कार्रवाई शून्य
आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद थाना प्रभारी द्वारा मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
5. आवेदन की पावती तक नहीं — पत्रकारों में आक्रोश
सबसे गंभीर आरोप यह है कि थाना में दिए गए आवेदन की प्राप्ति पावती (कॉपी) तक आवेदक प्रेस क्लब को नहीं दी गई। पत्रकारों का कहना है कि जब शिकायत की आधिकारिक पावती ही नहीं दी जा रही, तो न्याय की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी।

6. पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत
थाना स्तर पर सुनवाई नहीं होने से नाराज प्रेस क्लब छाल ने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी है। शिकायत में थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली की जांच तथा लापरवाही पर कार्रवाई की मांग की गई है।
7. “चौथे स्तंभ” के साथ ऐसा व्यवहार तो आम जनता का क्या होगा?
पत्रकारों का कहना है कि जब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले मीडिया प्रतिनिधियों की शिकायत पर ही पुलिस गंभीर नहीं दिख रही, तो क्षेत्र की आम जनता न्याय के लिए किसके पास जाएगी।
8. निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
प्रेस क्लब ने चोरी की घटना की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी, चोरी हुए फ्रेम की बरामदगी तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज हो गई है।





