Crime

झूठी FIR दर्ज कराने के मामले में छाल पुलिस की हुई शिकायत, SP नें दिया कार्यवाही का अश्वासन

छाल पुलिस के डायल 112 स्टाफ पर गंभीर आरोप; ‘रावन दहन मैदान’ ले जाकर बनाया फर्जी वीडियो, सीसीटीवी जांच की मांग!!

 जिले के छाल थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक ग्रामीण ने पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित शिकायत सौंपकर डायल 112 के कर्मियों पर अवैध वसूली न देने के एवज में शराब बिक्री का झूठा केस दर्ज करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि उसे डरा-धमका कर थाने ले जाया गया और फिर एक सुनसान मैदान में ले जाकर उसके खिलाफ फर्जी साक्ष्य तैयार किए गए।

1001876407

क्या है पूरा मामला?

बांसाझार निवासी रमेश कुमार बघेल के अनुसार, गुरुवार (12 फरवरी) दोपहर करीब 1:30 बजे उन्होंने छाल के गढ़ाइनबहरी स्थित अंग्रेजी शराब दुकान से नियमानुसार 12 नग ‘गोवा’ शराब खरीदी थी। दुकान से महज 200 मीटर दूर डायल 112 वाहन के चालक सचिन राठोड और सिपाही आर.के. पटेल ने उन्हें रोक लिया।

पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे पैसों की मांग की। जब रमेश ने तर्क दिया कि शासन द्वारा निर्धारित 24 नग की सीमा के भीतर ही उन्होंने शराब खरीदी है और वे घर के काम में लगे मजदूरों के लिए इसे ले जा रहे हैं, तो पुलिसकर्मी भड़क गए।

1001876450

साजिश का सनसनीखेज आरोप:

शिकायत के मुताबिक, ड्राइवर सचिन राठोड खुद रमेश की बाइक पर पीछे बैठ गया और उसे जबरन थाने ले आया। हद तो तब हो गई जब रमेश को थाने से निकालकर छाल के ‘रावन दहन मैदान’ ले जाया गया। आरोप है कि वहां पुलिस ने अपनी मर्जी से शराब बिक्री का एक फर्जी वीडियो बनाया ताकि उसे आरोपी के रूप में पेश किया जा सके।

“मुझसे पैसों की मांग की गई थी, मना करने पर मुझे फंसाया गया। अगर भट्टी चौक से छाल थाने तक के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाए, तो मेरी बेगुनाही और पुलिस की करतूत साफ हो जाएगी।”

रमेश कुमार बघेल, पीड़ित

1001876424

जांच की उठ रही मांग:

​पीड़ित ने एसपी रायगढ़ से गुहार लगाई है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। ग्रामीण का कहना है कि पुलिस की ऐसी हरकतों से आम जनता का कानून पर से भरोसा उठ रहा है। अब देखना यह होगा कि रायगढ़ पुलिस प्रशासन अपने ही विभाग के इन कर्मियों पर लगे गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है।

नियम का हवाला: 24 नग तक शराब ले जाना कानूनी रूप से वैध है, फिर 12 नग पर कार्रवाई क्यों?

लोकेशन पर सवाल: थाने के बजाय मैदान में वीडियो बनाना पुलिस की मंशा पर संदेह पैदा करता है।

सीसीटीवी साक्ष्य: पीड़ित ने खुद सीसीटीवी फुटेज खंगालने की चुनौती दी है।

style=

Mukesh Mourya

मुकेश मौर्य (संपादक) ग्रामीण न्यूज़ 24 , पता - रायगढ़ , छत्तीसगढ़ मो . +919752981420

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!