जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण

धरमजयगढ़ के ग्राम पंचायत बायसी और नररकालो के बीच एकमात्र सडक मांड नदी से होकर गुजरती है जहा पुल के आभाव में लोंग नदी नाव से पार करने को मजबूर है। समस्या को देखते हुए शाशन द्वारा 13 करोड़ 85 लाख रूपये की लागत से पुल निर्माण करवाया जा रहा है। पर 13 करोड़ 85 से बन रहे पुल पर ग्रहण लग गया है,आपको बता दे की यह पुल का स्वीकृति काग्रेस शासन कार्य काल में हुआ था पुल लोक निर्माण विभाग सेतु परिक्षेत्र रायपुर (छ.ग.)से टेंडर हुआ,इस पुल को बनाने का निर्माण कार्य अनुबंधक विसम्भर दयाल अग्रवाल, लुड़ेग पत्थलगांव जशपुर जिला द्वारा किया जाना था,पुल का निर्माण कार्य 14जनवरी 2022 को शुरू किया गया इस पुल को 14 महीने में पूर्ण किया जाना था परन्तु आज लगभग 4 साल होने के बावजूद मौके में पुल का पिलर ही नजर आ रहा है

रोजमर्रा की जरूरतों और आपातकालीन स्थितियों में भी लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। पानी का बहाव तेज होने से नदी पार करना बेहद खतरनाक हो जाता है, लेकिन विकल्प नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन यही रास्ता अपनाना पड़ता है।
*ई. ई. रमेश वर्मा*
जब इस सम्बन्ध में जल सेतुः विभाग के ईई रमेश वर्मा से बात की तब उन्होंने बताया की कार्य कर रही कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, इस साल बरसात तक नया टेंडर हो जाएगा और लगभग 1 साल में लोगों को इसका लाभ मिलने लगेगा
