छाल में मजदूरों से रकम वसूली पर कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत, नहीं देखने कों मिली अब तक कार्यवाही…?

कलेक्टर जनदर्शन में गूंजा श्रमिक शोषण का मामला, आर.के.एस. ठेका कंपनी पर गंभीर आरोप; प्रारंभिक जांच शुरू
छाल (एसईसीएल उपक्षेत्र)।
South Eastern Coalfields Limited (एसईसीएल) के छाल उपक्षेत्र में कार्यरत आर.के.एस. ठेका कंपनी से जुड़े श्रमिकों ने आर्थिक शोषण, अवैध धन वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन सभी घटनाओ के कारण और आर्थिक क्षति के कारण मजदूरों नें आवेदन कलेक्टर जनदर्शन में प्रस्तुत किया, जिसके बाद जानकारी सामने आ रही की प्रशासन ने प्रारंभिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हैं पर कार्यवाही होंगी या नहीं इसपर अभी भी सवालिया निशान खड़ा हो था…
संगठन पर वसूली के आरोप
श्रमिकों के अनुसार, पूर्व में वे स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे थे। बाद में क्षेत्र के कुछ राजनीती पहुंच वाले लोगों नें “मजदूर एकता सेवा समिति, छाल” नामक संगठन का गठन किया गया। गठन के समय श्रमिकों को आश्वासन दिया गया कि संगठन उनके अधिकारों की रक्षा, बुरे वक्त में साथ, उनके हक की लड़ाई एवं विवादों के समाधान हेतु कार्य करेगा।

कितने की होती हैं वसूली
जिसके बाद जानकारी मिली की संगठन में खर्चे के नाम पर प्रति श्रमिक दो वर्ष पूर्व एकमुश्त 5,000 रुपये लिए गए। इसके पश्चात 500 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया, जिसे बाद में बढ़ाकर 700 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया।
वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल
श्रमिकों का कहना है कि लगातर वे पैसे देते रहतें हैं पर उस पैसे का कहा उपयोग होता हैं क्या खर्चा होता हैं इससे सम्बंधित किसी भी प्रकार का हिसाब उन्हें नहीं दिया जाता हैं और ना ही सालाना खर्चा और वसूली सार्वजनिक नहीं किया जाता हैं। उनका आरोप है कि जब कुछ श्रमिकों ने ज़ब आवाज उठाया और हिसाब मांगने की कोसिस की तब उन्हें काम से निकालने तक की धमकी दें दी गई ।
कानूनी पहलू और जांच
लम्बे समय से यह मामला समाचार की सुर्खियों में बना हुआ हैं जिसके बाद भी अबतक कोई कार्यवाही नहीं देखने कों मिल रही हैं लगातार मजदूर आवाज उठा रहें हैं और जनदर्शन में भी इसकी शिकायत की जा चुकी हैं वही इतने दिन बीत जानें के बाद अब सुनने कों मिल रहा की छाल तहसीलदार द्वारा प्राथमिक जांच
किया जा रहा। पर क्या यह जांच मजदूरों के पक्ष में जाएगा या नहीं क्युकी अगर तहसीलदार साहब द्वारा जिस संगठन के नाम पर रुपये मांगे जा रहें उसके दस्तावेज, ऑडिट रिपोर्ट, बैंक अकाउंट, वसूली रुपये का आय व्यय का जानकारी ही मांग लेंगे तब दूध का दूध और पानी का पानी हो जयेगा।
Secl लात खुली खदान में मजदूरों का हो रहा शोषणसंगठन के नाम पर वसूली जा रही मोटी रकम… कब होंगी इनपर कार्यवाही….?




