नगर पंचायत धरमजयगढ़ में भ्रष्टाचार चरम पर, लगातर हो रही कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत

नगर पंचायत धरमजयगढ़ आए दिन किसी न किसी मामले को लेकर सुर्खियों में बना रहता है भाजपा शासन काल में भाजपा के नगर पंचायत अध्यक्ष मौजूद होने के बाद भी नगर पंचायत धरमजयगढ़ को देखा जाए तो यहां सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार के मामले समाचार के सुर्खियों में आते हैं जिसपर भाजपा सरकार कोई रोकथाम नहीं कर पा रहा हैं वही नगर पंचायत धर्मजयगढ़ का कार्य ही नगर के विकास में रोड़ा बनता है एक तरफ सरकार नगर के विकास को देखते हुए लाखों करोड़ों रुपए की राशि की स्वीकृति देती है वही नगर पंचायत के अधिकारी कर्मचारी सरकार की मंशा पर पानी फिरते हुए नजर आते हैं यह सब तो मामूली बातें हैं नगर पंचायत से ऐसी ऐसी बातें सामने आती है जिस लोग सोच में पड़ जाते हैं कि क्या यह वही नगर पंचायत है जिसे नगर विकास कार्य कराने का जिम्मा दिया जाता है क्योंकि इस नगर पंचायत के कर्मचारी कार्य न करवा कर अपने जेब भरने पर ध्यान देतें है ऐसे ही कई मामलों में जिला कलेक्टर से शिकायत हो चुकी है कभी नगर पंचायत अपने चाहते ठेकेदार को कार्य दे देता है जिसकी शिकायत कलेक्टर से होती है वहीं पाइपलाइन विस्तार कार्य में गड़बड़ी होती हैं और इंजीनियर, सीएमओ द्वारा ठेकेदार से साठगांठ कर लाखों रुपए की राशि का भुगतान कर देता है जिसकी शिकायत भी कलेक्टर जनदर्शन में की जाती है इतना कुछ होने के बाद भी नगर पंचायत अपने मनमाने रवैया से पीछे नहीं हटता।
सवाल:-
1. क्या रकम लेकर नगर पंचायत के अधिकारी कर्मचारी कार्य कों ठेकेदार के मनमुताबिक करवाते हैं…?
2. क्या हैं 3% चढ़ावा की सच्चाई..?
3. पूरे नगर पंचायत में कितने % चढ़ावा देकर होता हैं कार्य..?
4. आखिर कितना लेकर इंजीनियर नें किया इस्टीमेट के हिसाब से कार्य नहीं होने के बाद सत्यापन..?
5. क्या इतने बड़े खुलासे के बाद नगर पंचायत सीएमओ करवाएंगे खुदाई और कार्य की जांच….?
6. अगर नगर पंचायत अधिकारी इसमें संलिप्त नहीं तों क्यों इंजीनियर पर मेहरबान हैं अधिकारी क्यों नहीं लें रहें कोई एक्शन..?
7. नगर पंचायत अध्यक्ष नें भी क्यों आँखों में बांध रखी हैं पट्टी…?
मिल रही जानकारी के अनुसार मौजूदा सीएमओ और इंजीनियर के बड़े से बड़े कारनामे लोगों से छुपे नहीं है इससे पहले डभरा के गौरव पथ के मामलों में इनका नाम समाचारों में छाया रहता है उस वक्त भी यह मौजूद सीएमओ और इंजीनियर ही वहां पदस्थ थे
और अब भी धरमजयगढ़ में एक फर्जी भुगतान का मामला कलेक्टर जनरेशन में पहुंचा है जो वर्तमान में वहीं सीएमओ और इंजीनियर यहां भी मौजूद हैं।




