क्रीड़ा परिसर धरमजयगढ़ की छात्राएं संस्था का नाम कर रही रोशन, मार्गदर्शन में अधीक्षिका अनिमा मिंज का सराहनीय योगदान

वर्ष 2025-2026 में आयोजित शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में शा कन्या क्रीड़ा परिसर धर्मजयगढ़ की खिलाड़ी छात्राओं ने हैंडबॉल, वालीबाल एवं एथलेटिक्स खेल में अपना प्रदर्शन करते हुए जिला एवं राज्य स्तर के साथ-साथ राष्ट्र स्तर पर भी अपना परचम लहराया है जिसमें हैंड बाल खेल में राज्य स्तर पर 16 छात्राओं ने भाग लिया और एथलेटिक्स में 03 छात्राओं ने भाग लिया जिसमें कु रिया बड़ा कक्षा 11 वी ने गोला फेक में कांस्य पदक प्राप्त किया और बालीवाल के विधा शिक्षक कृष्ण कुमार पटेल के कुशल नेतृत्व से 09 छात्राओं ने राज्य स्तर पर और 02 छात्रा कु मनीषा राठिया और कु प्रीति राठिया ( वालीबाल)ने राष्ट्र स्तर पर आंध्र प्रदेश में दिनांक 05 से दिनांक 09 जनवरी तक होने वाले राष्ट्र स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। और क्रीड़ा परिसर धर्मजयगढ़ के साथ साथ जिला एवं राज्य का नाम रोशन किया इस प्रकार कुल 28 छात्राएं राज्य स्तर के और 2 राष्ट्र स्तर के खिलाड़ी रहे । इस अवसर पर आदिवासी विकास विभाग के संरक्षक एवं मार्गदर्शक श्रीकांत दुबे ने छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही साथ क्रीड़ा परिसर संस्था के व्यायाम शिक्षक उमा सिंह ठाकुर, सोनम खान और संस्था की अधीक्षिका अनिमा मिंज ने छात्राओं को बधाइयां देते हुए वर्तमान पदस्थ सहायक आयुक्त श्रीकांत दुबे का आभार व्यक्त किया।

आपको बता दे कि कोरोना के बाद पिछले 2 सत्र में छात्रों का खेलकूद रिजल्ट सामान्य था किन्तु सत्र 2024-2025 से कुल 26 छात्राओं ने राज्य स्तर पर भाग लेकर जिला का प्रतिनिधित्व किया और 2 छात्राओं ने राष्ट्र स्तर पर भाग लेकर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और स्थिति में सुधार आने लगी साथ ही साथ 2025- 2026 जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में कुल 91 छात्राओं ने भाग लिया जिसमें 80 छात्राओं ने प्रथम और 11 छात्राओं ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया । क्षेत्र स्तरीय खेल प्रतियोगिता में कुल 75 छात्राओं ने भाग लेकर अपना प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया। राज्य स्तर पर 28 छात्राओं और राष्ट्र स्तर पर 02 ने सीजी का प्रतिनिधित्व किया। इस पर संस्था की अधीक्षक और छात्राओं का कहना है कि छात्राओं की व्यवस्था और उनके हित में हमेशा तत्पर रहने वाले सहायक आयुक्त श्रीकांत दुबे के मार्ग दर्शन , समर्पण भावना और सहयोग से संस्था के कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है और छात्राओं में नया जोश और उमंग आया है । इसी तरह हर अधिकारी अपने कर्तव्य को निष्ठा पूर्वक करते रहे तो दूरस्थ अंचल के छात्राओं और प्रतिभाशाली छात्राएं आगे आकर देश और राज्य का नाम रोशन करेंगे।




