
छाल। जिले के छाल क्षेत्र स्थित एसईसीएल की लात खुली खदान में कार्यरत ठेका कंपनी आर.के.एस. के मजदूरों से संगठन के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। मजदूरों की शिकायत पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए जाँच समिति गठित की है, जो आज छाल तहसील कार्यालय में शिकायतों की सुनवाई करेगी।
बताया जा रहा है कि लात खदान में कार्यरत मजदूरों ने जिला कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। मजदूरों का आरोप है कि क्षेत्र में मजदूर हितों की रक्षा के नाम पर एक संगठन बनाया गया था, लेकिन उसी संगठन के नाम पर मजदूरों से लगातार भारी रकम वसूली जा रही है।
शुरुआत में 5 हजार, फिर हर माह वसूली
मजदूरों के अनुसार संगठन के नाम पर उनसे शुरुआत में एकमुश्त 5000 रुपये की राशि ली गई। इसके बाद समय-समय पर 500 से 700 रुपये प्रतिमाह भी अतिरिक्त रूप से वसूले जा रहे हैं।
निजी खातों में जमा कराने का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि वसूली गई राशि किसी अधिकृत संगठन या फंड में जमा नहीं कराई जा रही, बल्कि व्यक्ति विशेष के निजी खातों में जमा कराई जा रही है। इससे मजदूरों में नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है।
कलेक्टर ने गठित की जाँच समिति।
मजदूरों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर ने आदेश जारी कर विशेष जाँच समिति का गठन किया है। वहीं छाल तहसीलदार द्वारा मामले की प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है।

आज छाल तहसील कार्यालय में होने वाली समिति की बैठक में पीड़ित मजदूरों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जाँच की जाएगी।
दोषियों पर हो सकती है कड़ी कार्रवाई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जाँच में मजदूरों से अवैध वसूली के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित संगठन के पदाधिकारियों और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मजदूरों की पीड़ा
“हक की लड़ाई के नाम पर हमारी गाढ़ी कमाई को निजी स्वार्थ के लिए लूटा जा रहा है। हमें उम्मीद है कि प्रशासन इस अवैध वसूली पर रोक लगाएगा और हमारा पैसा वापस दिलाएगा।”




