रात के अंधेरे में धरमजयगढ़ क्षेत्र होकर गुजर रहा तस्करी युक्त वाहन, नहीं मिलता पुलिस सहायता…

धरमजयगढ़ क्षेत्र से प्रतिदिन रात कों अज्ञात पिकअप वाहन में तस्करी का सामान धड़ल्ले से परिवहन हो रहा है जो रात में अंधेरे का फायदा उठाकर साए की तरह गायब हो जाते है। अबतक ऐसी 2 घटनाएं पिछले 4 दिनों में सामने आ चुकी है जिसमें 1 बार हमारे द्वारा पुलिस का सहारा लेने की कोशिश की गई पर शायद आधी रात हो जाने के कारण कोई जवाब नहीं मिल सका वही हैरानी तब हुई ज़ब रात कों 112 से भी संपर्क किया जाता है तब 112 से भी मदद नहीं मिल पाया। यह सभी पिकअप वाहन झारखण्ड नंबर प्लेट के होते है और ऐसा प्रतीत होता है की इसमें गौवंश की तस्करी की जा रही है। जैसे ही बरसात ख़त्म हुआ वैसे ही धरमजयगढ़ क्षेत्र में पुनः गौ-तस्करी का मामला सुनने कों मिला हैं। मामला बीते 15 दिसंबर और 17 दिसंबर का है। 15 दिसंबर कों सुबह करीब 2 बजे कोरबा क्षेत्र के जंगल तरफ से दुर्गापुर होते हुए झारखण्ड नंबर पिकअप वाहन गुजरती है जिसके आगे एक स्कार्पियो में कई लोंग एक राहगीर से बागडाही का रास्ता पूछते है जैसे ही उन्हें शक होता है पिकअप वाहन तेज रफ़्तार में भागने लगती है तब धरमजयगढ़ थाना के कई कर्मचारियों कों फोन लगाया जाता है पर किसी कारणवश फ़ोन नहीं उठता। फिर डायल 112 से संपर्क किया जाता है पर कई बार 112 में फोन लगाने पर उक्त वाहन का पीछा करते करते सिसरिंगा पहुंच जाते है तब जाकर खरसिया 112 का फ़ोन आता है। मजबूरन कोई सहयता ना मिलने से वाहन पत्थलगांव की तरफ चली जाती है। वही ऐसा ही मामला पुनः 17 दिसंबर सुबह 2-3 बजे करीब धरमजयगढ़ कापू रास्ते में देखने कों मिलती है यहां भी एक संदिग्ध पिकअप वाहन कोहरे का फायदा उठाकर खम्हार के पास अचानक गायब हो जाती है । इन सभी मामलों की सच्चाई अगर पता लगानी हैं तो सडक किनारे मौजूद कैमरे कों देखा जा सकता हैं
*क्या है उपाय*
अगर इन सभी मामलों पर लगाम लगानी है तो पुलिस कों चाइए की रात 12 से 4 बजे के बीच धरमजयगढ़ के मुख्य मार्ग पर रात्रि गस्त करवाए और जयस्तम्भ चौक पर चेकिंग व्यवस्था करवाया जाए। और संदिग्ध वाहनों की जांच करें। जांच में गौ तस्करी जैसे अन्य कई तस्करियों का भांडा फूट सकता है। वही पुलिस प्रशासन अगर गस्त लगाती हैं तब रात में धरमजयगढ़ से घरघोड़ा की तरफ थाना क्षेत्र के अंदर पड़ने वाले जंगली रास्तो में पैदल हाक कर तस्करी करते गिरोह भी मिल सकतें हैं।




