अलर्ट: चिकन खाने वाले हो जाओ सावधान,बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद बढ़ी चिंता, धरमजयगढ़ में भी बीमारी फैलने की आशंका

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) के खतरनाक वायरस H5N1 की पुष्टि होने के बाद अब आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। खासकर बिलासपुर से सटे आस पास के क्षेत्र में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है, क्योंकि संक्रमण के फैलने की आशंका बनी हुई है। बिलासपुर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में पिछले 5 दिनों में 5 हजार से अधिक मुर्गियों की मौत के बाद जांच में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है। इस घटना के बाद से पूरे संभाग में हड़कंप मच गया है और प्रशासन एहतियातन कदम उठाने में जुट गया है।
धरमजयगढ़ में बढ़ी निगरानी: पोल्ट्री कारोबार पर प्रशासन की कड़ी नजर
धरमजयगढ़ में भी बड़े पैमाने पर बायलर मुर्गे का उत्पादन होता है और ग्राहक इसे अपने भोजन के रूप में ग्रहण करते है देखा जाए तों धरमजयगढ़ क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में फार्म मौजूद है कई फार्म जिनके द्वारा लापरवाही से बाइलर चिकन का उत्पादन किया जाता है और साफ सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता है ऐसे में फ्लू के खतरे को देखते हुए धरमजयगढ़ में स्थानीय प्रशासन को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए जाने चाइए

प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे प्रमुख कदम:बाहर से आने वाले मुर्गी और अंडों के परिवहन पर सख्त निगरानी
स्थानीय पोल्ट्री फार्मों का निरीक्षण और सैंपल जांच, संदिग्ध मामलों में तुरंत रिपोर्टिंग और कार्रवाई,गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाना,अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि कहीं भी अचानक मुर्गियों की मौत या बीमारी के लक्षण सामने आते हैं, तो तत्काल सूचना देकर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन पूरी सावधानी जरूर बरतें।👉 लोगों के लिए जरूरी सावधानियां:बीमार या मृत पक्षियों के संपर्क से बचें,पोल्ट्री उत्पादों का उपयोग अच्छी तरह पकाकर ही करें,किसी भी संदिग्ध स्थिति की तुरंत सूचना प्रशासन को दें,बाजार में बिक रहे पोल्ट्री उत्पादों की गुणवत्ता और स्रोत पर ध्यान दें, फिलहाल धरमजयगढ़ में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन बिलासपुर में संक्रमण की पुष्टि के बाद संभावित खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी किया जाना जरुरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सतर्कता नहीं बरती गई, तो यह संक्रमण अन्य क्षेत्रों में भी फैल सकता है। इसलिए प्रशासन और आम जनता दोनों को मिलकर सावधानी बरतनी होगी।




